अग्निशामक यंत्र

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दोस्तों  आज हम बात करने वाले है अग्निशामक  यंत्र के बारे में अग्निशामक  यंत्र क्या होते है  तथा यह कितने प्रकार के होते है और इनका उपयोग किस प्रकार किया जाता है


आग
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आग को बुझाने वाला  यंत्र  अग्नि-शामक यंत्र  कहलाता है इसके द्वारा आग को बुझाने में मदद  मिलती है यह लगभग  6 प्रकार के होते है यह आग को बुझाने के अनुसार उपयोग में लाये जाते है आग की प्रकति कैसी है उसी के अनुसार हम इनका चुनाव करते है  तो हम  इन 6 अग्निशामक यंत्रो की चर्चा करते है 

 1. जलयुक्त अग्निशामक यंत्र –  इस प्रकार के अग्नि-शामक  यंत्र में जल के साथ वायु भरी होती है  जब हम  जलयुक्त अग्निशामक यंत्र का ढक्कन को दबाते है तो तीव्र गति से वायु के साथ जल की धार निकलती है  जो की आग  लगे स्थान पर डालते है जिससे आग बुझ  जाती है 

2. कार्बन डाई युक्त अग्निशामक यंत्र – इस यंत्र में NAHCO3 OR  H2SO4 भरा होता है गैब यह आपस में क्रिया करते है तो अधिक मात्रा में कार्बन डाई गैस निकलती है  जब हम आग लगे स्थान पर इस अग्निशामक यंत्र का लीवर दबाते है तो इसमें से पानी के साथ घुली  हुई कार्बनडाई गैस निकलती है जो आग  लगे स्थान के चारो और घेरा बना लेती है और ऑक्सीजन की सप्लाई पर रोक लगा देती है जिससे ऑक्सीजन की कमी होने पर आग बुझने लगती है 

3. शुष्क  पाउडर युक्त अग्निशामक यंत्र  –  यह इस प्रकार का अग्नि-शामक यंत्र होता है जिसमे कार्बनडाई गैस का शुष्क पाउडर भरा होता है जब इसे हम आग लगे हुए स्थान पर उपयोग  करते है तो यह आग के चारो ओर कार्बनडाई गैस का घेरा बना लेता है  और  आग के लिए ऑक्सीजन की आपूर्ती नही हो पाती टी आग बुझने लगती है 

4. फोम  युक्त  अग्निशामक यंत्र – इस प्रकार के अग्नि-शामक यंत्र में  जल के साथ  खनिज तेल और साबुन के कण भरे होते है जब इसे आग लगे स्थान पर चलाया जाता है और यह ऑक्सीजन को रोकता है और आग को  बुझाने में मदद करता है 

5. कार्बन टेट्रा क्लोराइड युक्त – CCL4 और ब्रोमोक्लोरो-डाई-फ्लोरो मीथेन घोल भरा होता है जब इसे आग लगे  स्थान पर उपयोग किया जाता है तो यह ऑक्सीजन की सप्लाई को रोककर आग बुझाने में मदद  करता है 

6. रेत की भरी बाल्टिया – इसमें रेत की भारी बाल्टिया होती है जिनको आग पर डाल देने से आग  बुझ जाती है प्रमुख रूप से शोर्ट सर्किट से लगी आग की बुझाने में उपयोग की जाती है