प्रिंटर क्या है ?

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दोस्तों ज्यादातर लोगो को इसके बारे में पता होता है की प्रिंटर क्या और इसका क्या उपयोग है था ये आकर में कैसे होते है  आज हम इसी पर बात करने वाले है


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दोस्तों प्रिंटर का प्रमुख काम कागज पर प्रिंट करने का है  प्रारम्भ में कंप्यूटर से printer को LAN केबल या USB केबल या फिर LPT केबल के द्वारा कनेक्ट किया जाता है फिर कंप्यूटर में जिस कंपनी का printer होता है तथा उस प्रिंटर का मॉडल नंबर से पहचान कर उसका सॉफ्टवेयर (जिसे हम PRINTER ड्राइवर के नाम से जानते है ) इनस्टॉल करते है फिर हम printer को कमांड देते है की वह प्रिंट करे !

प्रिंटर एक एलेक्टोनिक मैकेनिकल डिवाइस है हम printer को जो कमांड देते है उसे printer भी बाइनरी कोड  में ही डाटा प्राप्त करता है प्रारम्भ में प्रिंटर का आकर काफी बड़ा होता था पर नये- नये  अविष्कार होते गए और उन्होंने printer के आकर को छोटा कर दिया है पहले की तुलना में आज printer को चलाना बहुत आसान हो गया है 

PRINTER के प्रकार 

PRINTER दो प्रकार के होते है 

  • इम्पैक्ट प्रिंटर 
  • नॉन इम्पैक्ट प्रिंटर 

इम्पैक्ट प्रिंटर – इम्पैक्ट printer इस प्रकार के होते थे इनमे एक स्याही लगा हुआ रिबन होता था इसी रिबन की सहायता से मशीन में लगाकर कागज पर प्रिंट प्राप्त किया जाता था ! इम्पैक्ट printer में भी कई प्रकार के printer है जिनमे से मुख्य है –

  • DOT MATRIX PRINTER  – दोस्तों आपने देखा होगा जब आप  को रेल से यात्रा करनी होती है तो आप रेल का टिकिट लेने जाते है तो टिकिट प्रबंधक आपके लिए जिस printer से टिकिट बनता है वह DOT MATRIX PRINTER होता है यह प्रिंटर प्रिंटिंग करते समय बहुत आवाज करता है  इस printer का मुख्य भाग इसका हेड होता है इसमें पिन लगी होती है जैसे की किसी हेड में 9 पिन तथा किसी हेड में 14 पिन किसी में 24 पिन   ज्यादा पिन लगे हेड वाले printer की  प्रिंट करने की स्पीड अधिक होती है !यह प्रिंटर  स्याही लगे रिबन से और हेड की मदद से कागज पर प्रिंट छपता है !

 

  • LINE PRINTER  –  LINE PRINTER का बड़े स्तर पर उपयोग होता है ! यह 400 से 1500 लाइन प्रति सेकेण्ड प्रिंट करता है इसकी कार्यविधि भी DOT MATRIX printer के समान होती है बस यह डॉट मेट्रिक का बड़ा रूप है यह एसी जगह उपयोग किया जाता है जहा पर रेगुलर हजारो की संख्या में प्रिंट निकलते  है !

नॉन इम्पैक्ट प्रिंटर –  इस प्रकार के प्रिंटरो में इम्पैक्ट प्रिंटरो की तरह स्याही लगी रिबन का उपयोग नही किया जाता है बल्कि लेज़र किरणों का उपयोग किया जाता है ! इसके अंतर्गत कई PRINTER आते है जिनमे से मुख्य है 

इंकजेट प्रिंटर – इस PRINTER के द्वारा की गई प्रिंटिंग बहुत सुंदर होती है परन्तु यह महगी भी होती है और यह प्रिंटर काफी धीमी गति से प्रिंटिंग करता है इसमें लिक्विड स्याही का उपयोग किया जाता है और स्याही को नोजल पम्प से स्प्रे करके कागज पर डॉट बनाये जाते है और डॉट्स को बहुत पास-पास रखकर अक्षर बनाये जाते है यह डॉट्स इतने पास-पास होते है हमें दिखाई नही देते है  इन प्रिंटरो की इंक मंहगी होने के कारण यह कम उपयोग किये जाते है !

 

LASER PRINER – आज कल सबसे अधिक यही प्रिंटर ही उपयोग होते है इन प्रिंटरो में कई PRINTER ऐसे भी आते है जिनसे हम फोटो कॉपी भी कर सकते है तथा FAX भी कर सकते है और प्रिंट भी निकल सकते है इन प्रिंटरो को हम अपने मोबाइल से कनेक्ट  से प्रिंट दे सकते है इन प्रिंटर का मुख्य भाग इसका स्केनर होता है इसी के द्वारा लेज़र किरण निकलती है और ड्रम पर प्रतिबिम्ब बनता है तथा उसे प्रिंटर की मदद से कागज पर उतरा जाता है यह बहुत अधिक स्पीड से प्रिंट निकालते है इस प्रिंटर की प्रमुख विशेषता यह है की यह कागज के दोनों साइड एक साथ प्रिंट करता है !