computer का इतिहास क्या है History Of Computer In Hindi ?

computer का इतिहास क्या है History Of Computer In Hindi ?

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नस्कर दोस्तों

दोस्तों आज हम बात करने वाले है कंप्यूटर के इतिहास के बारे History Of Computer In Hindi  यदि हम कंप्यूटर के बारे में कुछ भी जानना चाहते है या कंप्यूटर को सीखना चाहते है तो हमें कंप्यूटर के इतिहास के बारे मे अवश्य पता होना चाहिए

कंप्यूटर दुनिया में कब आया था और जब कंप्यूटर  आया था तब से लेकर आज तक कम्पूटर में क्या-क्या बदलाब आया है जब हमें इन सब बातो की जानकारी होती है जब हमारा Interest level उस चीज को अधिक सीखने में लग जाता है इन्ही सब बातो को ध्यान में रखकर हम आज इस आर्टिकल के द्वारा जानेगे computer का इतिहास क्या है History Of Computer In Hindi ?  वो भी आसान भाषा में 

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दोस्तों कंप्यूटर के बारे में जानना आसान नही है क्योकि यह कोई टॉपिक नही  है यह स्वम एक विषय है इसके अध्धयन में काफी समय लगता है  इसलिए हम आज कंप्यूटर के विषय से सबसे पहला और महत्वपूर्ण टॉपिक History Of Computer In Hindi पर चर्चा करेगे और जानेगे  की कंप्यूटर को दुनिया में कौन लाया और कंप्यूटर में समय के साथ साथ कितना पर्रिवर्तन आया है

computer का इतिहास क्या है History Of Computer In Hindi ?
computer का इतिहास क्या है History Of Computer In Hindi ?

अगर हम बात करे कंप्यूटर को उसके अस्तित्व आए कितने वर्ष हो गए है तो लगभग 50 वर्ष ही हुए है पर इसका इतिहास 400 वर्ष  पुराना है तो आये जानते है  की कंप्यूटर दुनिया  में कब आया कैसे आया कौन लाया ?

 

अबेकस 1602

अबेकस यह सन 1602 में बनाया गया था इसका अविष्कारक चाइना  को माना जाता है उसके द्वारा ही इस यंत्र का निर्माण किया गया था इस का  उपयोग सामान्य जोड़ने घटाने के लिए किया जाता था उर इससे वर्गमूल भी निकाले जा सकते थे यह केवल एक सरल सा यन्त्र था जिसमे क्षैतिज तारो में गोलाकार  मोतियों के रूप में गणना की जाती थी !

नेपियर्स बोन्स 1617

इस यंत्र के अविष्कारक जॉन नेपियर थे जो स्कॉटलैंड की निवासी थे इनके द्वारा बनाये गए कंप्यूटर में गणना करने की पद्धति को rabdologia (राबड़ोलोगिया) कहा जाता था इसमें उन्होंने 10 आयताकार पट्टिया ली और उन पट्टियों पर 0 से लेकर 9 तक पहाड़े लिखे और पहाड़े लिखते समय पट्टियों की संरचना इस प्रकार बनायीं गयी की एक पट्टी के दहाई के अंक दूसरी पट्टी के इकाई के अंक के पास आ जाती थे इस प्रकार की संरचना बनाये जाने के बाद गुणा करना बहुत  आसान हो गया और गुणा किये गए परिणाम को ग्राफिकल संरचना द्वारा दिखाया भी जाने लगा !

पास्कलाइन 1642 

इस यंत्र  ब्लेज पास्कल के द्वारा फ़्रांस में  गया था  यह यंत्र  घडी के सिध्धांत पर कार्य करता थाऔर यही प्रथम मकैनिकल मशीन थी और इसका उपयोग जोड़ने घटाने की लिए किया जाता था !

जैकार्ड लूम 1804 

इसे भी फ़्रांस में जोसेफ मेरी जैकार्ड के द्वारा विकसित किया गया था  यह भी मकैनिकल मशीन थी  यह यन्त्र एक बुनाई मशीन  थी इसका उपयोग कपड़ो पर डिज़ाइन डालने के लिए किया जाता था  !

एनालिटिक इंजन  1837 

यह प्रथम वह यन्त्र था जिसे हम कंप्यूटर कहते है इसके अविष्कारक चार्ल्स बैबेज थे इन्ही को कंप्यूटर का जनक कहा जाता है यही वह पहली मशीन थी जिसको आधुनिक कंप्यूटरो का प्रारूप मन जाता है और  यह भी मकैनिकल मशीन थी और साथ ही प्रथम General Purpose  के लिए बनाया  गया  कंप्यूटर था इसका मुख्य   गणतीय समस्याओं  को हल करना था !

टैबुलेटिंग  मशीन  1890 

यह भी गणना कररने की मशीन थी इसका उपयोग  जनगणना करने में किया गया था इसमें गणना करने के लिए छिद्र किये गए कार्डो का उपयोग किया जाता था जिसमे एक बार में केवल एक ही कार्ड पढ़ सकते थे !

मार्क- 1 1937 

इसके अविष्कारक का नाम हावर्ड एकेन है जो की अमेरिका के निवासी है इनके द्वारा बनाया गया यन्त्र पूर्णत : बिजली से चलने वाला यन्त्र था जिसमे स्विच व् सर्किट होते थे   जो गणनाओ को हल करने के लिए बनाया गया था

एनिएफ 1946

जे पी एकर्ट और जॉन मौचली की द्वारा यह यन्त्र बनाया गया जो अमेरिका के निवासी थे  इस य्यंत्र को पहला डिजिटल कंप्यूटर कहा गया था यह बीस एक्युमूलेटर्स का एक संयोजन था

एडसैक 1949

मौरिसविल्केस अमेरिका  के द्वारा बनाया गया यन्त्र था यह डिजिटल कंप्यूटर होने के साथ-साथ पहला प्रोग्रामिंग डिजिटल कंप्यूटर था जो संख्या  के वर्गो  के पहाड़ो की भी गणना कर सकता था

युनिवैक -1 1951

इसको प्रेस्पर एकर्ट और जॉन मौचली अमेरिका के द्वारा  बनाया गया था यह इनपुट और आउटपुट  के लिए मैग्नेटिक टेप का उपयोग करता था और शाब्दिक तथा सांख्यिक दोनों प्रकार के डेटा को संसाधित करता था  साथ ही वाणिज्य (कॉमर्स ) के लिए उपयोग में लाया जाता था  

IBM-650 1953

इसे  IBM कंपनी के द्वारा ही बनाया गया था  यह इनपुट आउटपुट यूनिट अल्फ़ाबेतिकली और स्पेशल कैरेक्टर को दो अंकीय डेसीमल कोड ( बायनरी ) में बदलता था  MARKETING RESEARCH  में इस कंप्यूटर का बहुत उपयोग हुआ !